मंगलवार, 12 फ़रवरी 2013

एक धर्मप्रेमी की प्रार्थना

धर्म का सदा मेरा आचरण हो ।
सत्य ही मेरा आवरण हो ।।
बना लो उसका अंग मुझको,
असुर दमन का जो उपकरण हो ।।

मेरी आवाज धर्म का  उदघोषण हो ।
मेरा कार्य धर्म का पोषण हो ।।
उठूँ जब आवेश से मैं तो,
तीव्र अधर्म का यह क्षरण हो ।।

तुम सत्य व धर्म का उत्प्रेरण हो ।
मेरे हर कर्म का तुम ही कारण हो ।।
तुमको जाने बिना हे प्रभु,
इस जीव का ना मरण हो ।।

सोमवार, 11 फ़रवरी 2013

हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है

ज्ञान विज्ञान का भण्डार भरा है,
संस्कृति हमारी संपूर्ण है ।
ईर्ष्यालु हैं तो इसके भक्त भी हैं,
सद्भाव से यह परिपूर्ण है ।।

जीवन है संस्कृति बिना मानो,
दीप बिन, अन्धकार भरा पथ है ।
करो जीवन निर्देशित इससे कि,
गिर उठ न पाने का दर्द अकथ है ।।

लौटकर आ जाओ संतानों,
माता स्वरक्षा को तुम्हे बुलाती है ।
दुनिया उसे भुला देती है,
जो सभ्यता स्वयं को भुलाती है ।। 

शनिवार, 9 फ़रवरी 2013

व्यंग्य - राजू का ख़ास इंटरव्यू

नोट: यह सिर्फ़ मनोरंजन के लिए है, कोई देशभक्त और इमानदार व्यक्ति कृपा कर के अपने दिल पे ना ले |

"पकाउ टीवी" के रात ९:०० बजे के "बकबक" प्रोग्राम में हमारे राजू ने हमारे देश की महान हस्तियों को आमंत्रित किया जो थे राहुल गाँधी, सोनिया गाँधी, मनमोहन सिंह, दिग्विजय सिंह |

राजू: वैसे आप लोग किसी प्रोग्राम में जाते नहीं है, मेरे यहाँ आकर आपने बड़ी कृपा की, आपका स्वागत है |
सोनिया गाँधी: उधर मोदी की हवा चल रही है तो दम घुट रहा था, फ्रेश हवा चाहिए थी तो इधर आ निकले |

राजू: अच्छा ये बताइए किससे पूछना शुरू करूँ ?
दिग्विजय सिंह : तुम सवाल पूछो, जिसके लायक होगा वो खुद ही जवाब दे देगा |

राजू: ठीक है तो ये बताइए कि देश की अर्थव्यस्था क्यूँ बिगड़ रही है ?
सभी लोग मनमोहन सिंह को देख रहें हैं लेकिन मनमोहन सिंह चुपचाप बैठे हैं जैसे पूड़ी खाने आए हैं और बस बंटने का इंतजार कर रहें हों |
राजू: मनमोहन जी देश देख रहा है कुछ तो जवाब दीजिए |
मनमोहन सिंह: हज़ार जवाबों से बेहतर चुप्पी मेरी | तेरे सवाल की इज़्ज़त रख ली |

राजू: तो ये था जवाब, सवाल की तो इज़्ज़त रह गयी और खुद की चली गयी | अच्छा तो ये बताइए कि इतना आतंकवाद बढ़ गया है देश में, आप उसको कैसे कंट्रोल कर रहे हैं?
राहुल गाँधी: इसका जवाब मैने कई सालों से सोच रखा है | आज देश की सबसे बड़ी समस्या है भगवा आतंकवाद, जब इससे निपट लेंगे तो भारत क्या पूरी दुनिया का आतंकवाद ख़तम हो जाएगा |

राजू: राहुल आपकी संसद में उपस्थिति का मुद्दा विरोधी लोग उठा रहे हैं, क्या कहेंगे आप?
राहुल गाँधी: ये लोग बेवकूफ़ हैं, उपस्थिति से क्या होता है, मैं तो रोज बाहर समाज में जाता हूँ और बड़े बड़े काम करता हूँ |
राजू: लेकिन मीडीया में कभी दिखाया नहीं आपके कामों को ?
राहुल गाँधी: सारी मीडीया को मैने मोदी के पीछे लगा दिया है शायद इसीलिए मेरी उपलब्धियाँ कवर करने से रह गयीं |

राजू: सोनिया जी सुना है कि आप रोती बहुत हैं, ऐसा क्यूँ ?
दिग्विजय सिंह: इसके पीछे आर एस एस का हाथ है |
राजू: आप चुप रहिए, सोनिया जी को बोलने दीजिए, बोलिए सोनिया जी आप कुछ आतंकवादी मरे तब भी रोई थी और राहुल जी के गुजरात स्पीच के पहले भी उनके पास रोई थी, बड़ी चर्चा का विषय बन गया है ये तो |
सोनिया गाँधी: मैं बहुत भावुक हो जाती हूँ,| मैं पूछना चाहती हूँ भारत की जनता से कि क्या आतंकवादी इंसान नहीं हैं? खैर मेरे तो रिश्तेदार हैं | और मैं अपने बेटे के पास जाकर रोऊँ या हसती हूँ उससे किसी और को क्या ?

राजू: आपका बेटा ही तो सब को बता रहा था स्पीच में कि मेरी माँ रो रही थी, प्लीज मुझे वोट दो । खैर कोई बात नहीं । अब ये बताइए कि लोग कहते हैं कि कांग्रेस जातिवाद को बढ़ावा देती है, आपका क्या कहना है ?
राहुल गाँधी: ये बिलकुल गलत बात है, मैं सारी जातियों को एक सा समझता हूँ । यु0पी0 के चुनाव मैंने खुद ही एक निम्न जाति वाले के यहाँ खाना खाया था ? वो कवर नहीं हुआ था क्या ?
राजू: हुआ था, हुआ था, चिंता मत कीजिये ।
राहुल गाँधी : और उसके पहले ही मैंने कहा था एक बार कि मैं ब्राह्मण हूँ, बोलिए और कोई सवाल है इस पर ।

राजू : नहीं, जातिवाद का सवाल तो ख़त्म हो गया लेकिन आपकी पैदाइश पे सवाल आ गया है । खैर देखता हूँ मनमोहन सिंह जवाब के मूड में आ गए है तो मनमोहन जी बताइए कि देश में पैसे की इतनी कमी कैसे हो गयी है ?
मनमोहन सिंह : मैं एक ही बात कहूंगा "पैसे पेड़ पे थोड़ी न लगते हैं"।
राजू : हाँ हमें पता है, तो फिर बताइए कहाँ पे उगते हैं ?
मनमोहन सिंह : पैसे पेड़ पे थोड़ी न लगते हैं ।
राजू : तो फिर
मनमोहन सिंह : पैसे पेड़ पे थोड़ी न लगते हैं ।
राजू : अरे राहुल जी, राजिव गाँधी का लाया हुआ कम्पुटर लगता है, हंग हो गया है, इसको रीस्टार्ट करो भाई ।
दिग्विजय सिंह : तुम आर एस एस के एजेंट हो । सवाल पूछना बंद करो ।

राजू : आपके पास पावर है तो क्या आप कुछ भी कहेंगे । चलिए अब प्रोग्राम ख़त्म करते हैं ।

सोनिया गाँधी : पावर से याद आया, पावर इज पोइजन बेटा । चलो देती हूँ अमूल दूध में बोर्नविटा ।
राहुल गाँधी : ठीक है माँ ।
सोनिया गाँधी : पावर इज पोइजन बेटा ।
राहुल गाँधी : ओ के माँ ।
दिग्विजय सिंह : सब आर एस एस से मिले हुए हैं ।
मनमोहन सिंह : पैसे पेड़ पे थोड़ी न लगते हैं । पैसे पेड़ पे थोड़ी न लगते हैं ।

चारों जाने के लिए उठ जाते हैं